हर रात ख्वाबों में मुलाक़ात हो जाती है.!
बचते बचाते तो भी तक़रार हो जाती है.!!
हर रात ख्वाबों में…
सर्द हवाएं तनहा फल्क़ घटा छा जाती है.!
बारिश का मौसम न बरसात हो जाती है.!!
हर रात ख्वाबों में…
वो छत जो खड़ी हो जाए शाम पहर में.!
सासें परवानों की हलक उतर जाती हैं.!!
हर रात ख्वाबों में…
वो छन-छन करती जब पायल खंखाती.!
तस्वीर बन पलकों में घर बना जाती है.!!
हर रात ख्वाबों में…
उस बिन तड़पने का ये अंदाज़ पुराना है .!
उल्फत में मुहब्बत अक्सर हार जाती है.!!
हर रात ख्वाबों में…
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Source:: Mehfil101
हर रात ख्वाबों में…Dedicated to U.


Sagar=Ocean.