देश के वीर जवानों/सपूतों को नाचीज़’सागर‘का सलाम !!
‘वो जागते रातों को हम चैन से सौ पाएं.!
ज़िंदा रहे परिवार संग बच्चों को बनाएं.!!‘
एक ग़ज़ल पेश है:-
सर झुकाने से बेहतर है सर कटा के रहो.!
यूँ मरने से बेहतर वतन खातिर मरो.!!
मौत वो जिस पर फक्र करे सारी दुनिया.!
तिरंगे खातिर कंधे से कन्धा मिला चलो.!!
वो माँ धन्य जिस का खून देश पर मिटा.!
उस के दूध का कर्ज उतार कर जियो.!!
वतन पे फ़िदा सिपाही कभी मरता नहीं.!
जीना है तो खुद को अमर बना के जियो.!!
वीरों की शहादत कभी बेकार नहीं जाती.!
दुश्मन को ऐसा सबक सीखा कर जियो.!!
हम सब का वतन सारी दुनियां से प्यार.!
हिंदुस्तान का नाम रोशन कर के मरो.!!
धरती है माँ वतन की सीमा महबूबा हमारी.!
हर बच्चे-बच्चे में ये ज़ज़्बा जग कर रहो.!!
सौ बार यही पैदा होने की तमन्ना ‘सागर‘.!
हर शक़्स को ये पैगाम समझा कर रहो.!!

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Source:: Mehfil101
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