यूँ तो आँखें सभी की खूबसूरत होती हैं,
पर कुछ ऐसी भी होती हैं जिन्हें भूलना
नामुमकिन-सा होता!फिर वो आँखें गर
दिल चाहे मनमीत की हों तो क्या होगा?
“भूल सकता है “सागर” दुनियाँ की हर शय को.!
खुद को साँसें पर भूल सकता नहीं उनकी आँखें.!!“
अर्ज़ है:-
क्या खूब हैं आपकी आँखें,
बरबस ही अपनी और खींचती आपकी आँखें.!
देखी हैं जबसे आपकी आँखें,
भाती नहीं हैं’सागर‘को किसी और की आँखें.!!

Kya Khub Hain Aapki Aankhein,
Barbas Hi Apni Aur Kheenchati Aapki Aankhein.!
Dekhi Hain Jabse Aapki Aankhein,
Bhati Nahin Hain’Sagar‘Ko Kisi Aur Ki Aankhein.!!
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Source:: Mehfil101
Your Eyes…Beautiful Eyes…Way of Life…