Wednesday, December 27, 2017

क्यों .!!

तेरे मखमली बालों से क्यों उलझना चाहता हूँ,
तेरे नरम होंठों को क्यों छूना चाहता हूँ.!



यर कैसी बेकसी है कैसा है ये खुमार “सागर“,
क्यों उनका अंग-अंग अपनाना चाहता हूँ.!!



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Source:: Mehfil101


      



क्यों .!!

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