तेरे मखमली बालों से क्यों उलझना चाहता हूँ,
तेरे नरम होंठों को क्यों छूना चाहता हूँ.!
यर कैसी बेकसी है कैसा है ये खुमार “सागर“,
क्यों उनका अंग-अंग अपनाना चाहता हूँ.!!
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Source:: Mehfil101
क्यों .!!
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