Thursday, December 07, 2017

ए मौत के बुलबुले जल्दी आ…!!

ए मौत के बुलबुले जल्दी आ और ले चल दूजे जहाँ को.!
वरना बहुत कुछ अभी और जहां में दिल लगाने के लिए.!!



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Source:: Mehfil101


      



ए मौत के बुलबुले जल्दी आ…!!

I’m Unsolved Person…..!!

I’m unsolved person,
My heart is in problem.!


Everybody want help,
But nobody help me.!!



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I’m Unsolved Person…..!!

ज़िन्दगी की राह में!!

मेरी ज़िन्दगी की राह में,
तेरी नसीहतें रही हैं शामिल.!
मुझे कुछ पता ना था,
तेरी मुहब्बत मिलने से पहले.!!


गिला कोई हो बता दे,
यारों में तो शिक़वे होते रहते.!!
जहाँ तक़रार कोई ना,
वहाँ प्यार में भरोसे कम होते.!!


दिल में यही कशमकश,
तेरे बिन अब कैसे जी सकूंगा.!
किसी और का ख्याल,
दिल में मैं कैसे बसा सकूंगा.!!


वो नदियां और होगी,
जो ‘सागर’ से खुदको बचाती.!
दिल बड़ा”सागर“का,
जब भी जी चाहे जो समाती.!!



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ज़िन्दगी की राह में!!

प्यार से उन्हें मोटी क्या कह बैठे.!!

प्यार से उन्हें मोटी क्या कह बैठे.!
जनाब अपना खाना ही छोड़ बैठे.!!


पहला इश्क़ है जनाब-ए-आली का.!
छोटी – सी बात तभी दिल पर ले बैठे.!!


अज़ी ऐसी गुफ्तगू तो होती रहती.!
मुहब्बत से क्यों यूँ मुंह मोड़ बैठे.!!


क्या इतनी ही दिल्लगी है उनको.!
निगोड़ी किताबों से दिल लगा बैठे.!!


मोटी है या लंगड़ी-लूली सब मंजूर.!
रुह के खेल में आइना क्यों ला बैठे.!!


“सागर“की दिलरुबा जान-ए-बहार.!
क़बूल हो फिर क्यों शिकायत ले बैठे.!!



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प्यार से उन्हें मोटी क्या कह बैठे.!!