एक सिपाही की ज़िंदगी बड़ी दुश्वरियों से भरी होती है फिर भी
वो अपना सब सुख-चैन छोड़ अपने देश की सीमा की चौकसी
करता है बिना किसी भय-स्वार्थ के!
सिपाही चाहे किसी देश का हो हमें उनका सम्मान करना ही चाहिए!
वो अपने वतन की हिफ़ाज़त के लिए जीता-मरता है!जीते-जी वो
हमारे मुल्क का दुश्मन हो सकता है
उसके बाद नहीं…
वो जागता ताकि उसके देश के लोग चैन की नींद सौ सकें!
देश के ऐसे वीरों को शत-शत प्रणाम…
अर्ज़ है:-
ए हिंद के सिपाही जीता है वतन के लिए,
और मरता भी है वतन के लिए.!
यही है तेरी शान यही तेरी आन,
जय हिंद जय हिंद की सेना.!!
युद्द भूमि को माना माँ की छ्त्र-छाया,
जो आँख दिखाई उस आँख को निकाला.!
दूध का कर्ज़ जानते फ़र्ज़ हैं पहचानते,
जय हिंद जय हिंद की सेना.!!
आँखों में बस इनके एक ही सपना,
ज़िंदा रहें जब तक दे जायें सब अपना.!
तिरंगा ना झुकेगा रहेगा सदियों तक सालानत,
जय हिंद जय हिंद की सेना.!!

Ey Hind Ke Sipahai Jita Hai Watan Ke Liye,
Aur Marta Bhi Hai Watan Ke Liye.!
Yahi Hai Teri Shaan Yahi Teri Aan,
Jai Hind Jai Hind Ki Sena.!!
Yudd Bhumi Ko Mana Maan Ki Chtr-Chaya,
Jo Aankh Dikhai Us Aankh Ko Nikala.!
Doodh Ka Karj Jante Farz Hain Pehchante,
Jai Hind Jai Hind Ki Sena.!!
Aankhon Mein Bas Inke Ek Hi Sapna,
Zinda Rahein Jab Tak De Jayein Sab Apna.!
Tiranga Na Jhukega Rahega Sadiyon Tak Salanat,
Jai Hind Jai Hind Ki Sena.!!
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Source:: Mehfil101

Jai Hind Jai Hind Army. !!