रात के बाद जब सुहानी सुबहा आती है और महबूब के सामने दीदार हो जायें तो ज़िंदगी की नये दिन की शुरूवात बड़ी अच्छी लगती है!
घर के सामने का छत ख़ास हो जाता है!
अर्ज़ है:-
गर रोज़ सुबहा छत पर आती रहे,
नई ज़िंदगी की शुरूवात कराती रहे.!
कौन काफ़िर तेरी इबादत ना करेगा,
ज़िंदगी हर पल यूँ ही मुस्कुराती रहे.!!

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Source:: Mehfil101
After Good Night…
