हर शक़स की तरह ज़िंदगी से बहुत प्यार किया है,
जब दिल को कोई दर्द मिलता है तो आह निकलना
स्वाभाविक ही है!
अर्ज़ है:-
कभी होते थे जिनकी आँखों के नूर,
आज उनकी निगाहों को खटकने लगे है.!
वक़्त बड़ा बेरहम कैसे फिरता’सागर‘,
अब तो जीने के मकसद बदलने लगे हैं.!!

Kabhi Hote The Jinki Aankhon Ke Noor,
Aaj Unki Nigahon Ko Khatakne Lage Hain.!
Waqt Bada Beraham Kaise Phirta’Sagar‘,
Ab To Jeene Ke Maksad Badalne Lage Hain.!!
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Source:: Mehfil101
Painful Pain…


