Friday, November 03, 2017

I Promise You…

Going to Long Journey…


सेहरा बांध के निकला हूँ,
तेरे घर अब आऊंगा.!
तुझे डोली में बिठा कर,
अपने घर ले जाऊँगा.!!
सेहरा बांध के निकला हूँ…


तेरे ख्वाहिशों के कारवां,
मेरे घर आ ही रुकेंगे.!
तेरी उम्मीदें भी संग-संग,
अपनी उम्मीद बनाऊंगा.!!
सेहरा बांध के निकला हूँ…


लबों पर हंसी क़ायम रहे,
दुआ में उठे हाथ मेरे.!
गुज़रे जिस गली हो कर,
उन राहों फूल बिछाऊंगा.!!
सेहरा बांध के निकला हूँ…


वादा “सागर” का तुझ से,
कभी हाथ ना छोडूंगा.!
पहली रात-सा प्यार यूँही,
हर रात लुटाऊंगा.!!
सेहरा बांध के निकला हूँ…



Sehra bandh ke nikala hun,
Tere ghar ab aaunga .!
Tujhe doli mein bitha kar ,
apne ghar lejaaunga .!!
Sehra bandh ke nikala hun…


Tere khawahishon Ke karwaan ,
Mere ghar aa hi rukeinge .!
Teri ummeedein bhi sang -sang ,
Apni ummeed banaaunga .!!
Sehra bandh ke nikala hun….


labon par hansi qayam rahe ,
Dua mein uthe haath mere .!
Guzre jis gali ho kar ,
Un rahon phool bichaaunga .!!
Sehra bandh ke nikala hun….


Wada “Sagar ” ka tujh se,
Kabhi hath na chodunga .!
pahali raat -sa pyaar yunhi ,
har raat lutaaunga .!!
Sehra bandh ke nikala hun…


Filed under:

Source:: Mehfil101


      



I Promise You…

मशहूर.!!

Going to Long Journey…


कुछ नग्में कुछ गीत कुछ ग़ज़लें,
“सागर“ने लिखी तन्हाइयों में रहकर.!


बाद दुनियां दोहराएगी यक़ीनन,
रख देंगी तुझे एक दिन मशहूर कर.!!



Kuch nagme kuch geet kuch gazale,


“Sagar“ne likhi tanhai mein rehkar.!


Baad duniyan dohrayegi yaqeenan,


Rakh deingi tujhe ek di mashhoor kar.!!



Filed under:

Source:: Mehfil101


      



मशहूर.!!

If I Do…”Sagar”

ज़रा सोच मेरे रहते किसी गैर संग बात करे,
क्या मैं करूँ तो तुझे गवारा होगा.!


मुझपे लगाए हैं लाख पहरे और बंदिशें तूने,
तुझे कैसे मैं फिर आज़ाद करूँ.!!



Zra sauch mere rahte kisi gair sang baat kare,


kya main karun to tujhe gawara hoga.!


Mujhpe lagaye hain lakh pahare aur bandishein tune,


Tujhe kaise main phir aazad karun.!!


Filed under:

Source:: Mehfil101


      



If I Do…”Sagar”

इक पागल-सी लड़की.!!

इक पागल-सी लड़की,
कभी लड़ती कभी बात करती.!
बड़ी मासूम है शायद,
फूलों से बेहतर चंदा-सी लगती.!!


हर रात जागती वो,
अपने खवाबों की ताबीर खातिर.!
इरादे बुलंद उसके,
कभी वार कभी तकरार करती.!!


उसके भी कुछ सपनें,
पंछी माफिक परवाज़ भरने के.!
खुले आस्मां की चाहत,
ज़िन्दगी को बहुत प्यार करती.!!




Filed under:

Source:: Mehfil101


      



इक पागल-सी लड़की.!!

Bye Heart…!!

डॉक्टर्स कहते हैं उसे बल्ड कैंसर है,
कभी बुखार कभी दर्द और कभी जाने क्या-क्या…
कम्बख्त ज़िन्दगी इक बार ही हिसाब-किताब पूरा क्यों नहीं कर लेती…
वो गरीब भी है और इलाज़ वास्ते उसके पास ज्यादा रूपए भी नहीं,
क्या वो जीने की ज़िद्द छोड़ दे…
वो जानता है शायरी/बातों से पेट नहीं भरता…


ज़िन्दगी को लोग अपने-अपने नज़रिये से जीते हैं…
आपकी ज़िन्दगी है ख़ुशी से जियें उसे उसके हाल छोड़ दें…
इतना तो किसी के लिए किया ही जा सकता है…
कि यहाँ भी स्वार्थी होना पसंद करेंगे…
एक बार इंसानी जीवन मिला है आगे पता नहीं क्या…
जीने की आरज़ू किसे नहीं होती,
हर कोई इस रंगीन जहाँ में जीना चाहता है…
किसी का प्यार चाहता है और देना चाहता है…
पर ईश्वर/खुदा की मर्ज़ी आगे सब बेकार है…


अर्ज़ है:-


कभी चाह कर भी तुम्हारी तरह नहीं बन सकते.!
मुहब्बत तुझ से बेवफाई”सागर“कर नहीं सकते.!!



मैं भी जीना चाहता हूँ “सागर” इस जहाँ में,
कोई फरिश्ता नहीं के दिल के अरमान छुपा लूँ.!


फ़िरोज़ाबाद हो ग्वालियर या हो हैदराबाद,
यहाँ किसी शौख हसीना से अपना दिल लगा लूँ.!!


Filed under:

Source:: Mehfil101


      



Bye Heart…!!