Thursday, December 21, 2017

Your own Guilty…

You lost yourself in your words,
You fallen in someone’s love.!
Enjoy your life in beauty of lies,
Coz your breaths are safe in Ocean‘s heart.!!



दिल हार कर चले दुनियां से.!
देख-देख याद कर रोना तुम.!!


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Your own Guilty…

नादाँ दिल.!!

डिब्बे में है कैद उसका दिल,
छतरी की छांव में बैठा है.!



डर है कहीं काला न हो जाए,
नादाँ मतवाला हो बैठा है.!!



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नादाँ दिल.!!

मुहब्बत की है अपराध नहीं किया.!!

न ज़िद्द कर अपनी झुल्फों में कैद करने की.!
मुहब्बत की है तुझ संग अपराध नहीं किया.!!



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मुहब्बत की है अपराध नहीं किया.!!

ना इतरा.!!,

ना इतरा अपने हुस्न पे क़ातिल,
तुझे बहुत दिया खुदा ने माना.!



उसी मालिक ने मुझे बनाया है,
कुछ दिया होगा क्यों न जाना.!!



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ना इतरा.!!,

बड़ा है रब्ब बड़ा बोल कभी ना बोलिये..!..!!

बहुत नाज़ था हजूर को दिल ना देने का,
ज़रा-सा नाराज़ क्या हुए दिल हार गए.!
रात-भर जागे हैं आहें भर-भर के सनम,
दिल तोड़ने की चाह में अपना तुड़ा गए.!!


“सागर“से उलझने का नतीजा यही होता,
पहले भी कई खुद का पागल बनवा गए.!
ऐसा नहीं के गरूर अपने पर”सागर“को,
दिल पे रख पत्थर आइना उन्हें दिखा गए.!!


प्यार अपनी जगह तक़रार अपनी जगह,
इज़्ज़त के क्या चीज़ बड़े हमें समझा गए.!
बड़ा है रब्ब बड़ा बोल कभी ना बोलिये,
खुशकिस्मत”सागर“बड़े खूब समझा गए.!!



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बड़ा है रब्ब बड़ा बोल कभी ना बोलिये..!..!!