ज़िन्दगी में कई रंग देखे हैं,
सतरंगी सपने भी कई देखे हैं,
कभी किसी मोड़ पर कभी कोई मिला,
खूब बातचीत की और अगले दिन…..?
अजनबी हो गया….
शायद इसी का नाम दुनियां है,
और यही दुनियां का रूपहला चरित्र…..
मन बड़ा चंचल होता है,
जल्दी ही किसी को माफ़ कर आगे बढ़ जाता है….
किसी और तलाश में…..
और यूँ ही एक दिन सफर काट जाता है….
अर्ज़ किया है:-
बात न करने की लगता आज उसने कसम खाई है.!
तभी तो गौरी छुप-छुप कर ऑनलाइन हो आई है.!!
अज़ी गर्म मौसम में इतनी गर्मी ठीक नहीं.!
तेरी गली गन्ना-चरखी लगाने की ख्वाहिश है.!!
कल तक तो खूब बतिया रही थी दीवाना कर गई.!
लगता मम्मी ने नेट करने पर पाबन्दी लगाई है.!!
खुद ही सोच कब तक तेरी खातिर लिखता रहूँ.!
बेवजह ही अपने दिल-औ-दिमाग की जोर-ाज्मिश है.!!
जब चाहा दिल से खेला और जब चाहा खूब बतिया.!
दिल तोडना-जोड़ना मनो हुस्न वालों की पैदाइश है.!!
Baat Na Karne Ki Lagta Aaj Usne Kasam Khai Hai.!
Tabhi To Gauri Chup-Chup Kar Online Ho Aai Hai.!!
Azi Garm Mausam Mein Itani Garmi Theek Nahin.!
Teri Gali Ganna-Charkhi Lagane Ki Khwahish Hai.!!
Kal Tak To Khub Batiya Rahi Thi Deewana Kar Gai.!
Lgta Mummy Ne Net Karne Par Pabandi Lagai Hai.!!
Khud Hi Sauch Kab Tak Teri Khatir Likhta Rahoon.!
Bewajah Hi Apne Dil-o-Dimaag Ki Jor-Aajmish Hai.!!
Jab Chaha Dil Se Khela Aur Jab Chaha Khub Batiya.!
Dil Todna-Jodna Mano Husn Walon Ki Paidaish Hai.!!
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Source:: Mehfil101
Dedicated to a Beautiful Young Princess…