Monday, June 06, 2016

बेशर्म लटें.!!

बड़ी बेशर्म हैं तेरे बलों की ये लटें ,
सरे आम तेरे गालों को चूमती रहती.!


हम जो देखें तुझे जी भर एक नज़र,
शहर को हमारी शिक़ायत करती रहती.!!



Badi Beshrm Hain Tere Balon Ki Ye Latein,


Sre Aam Tere Galon Ko Choomti Rahti.!


Hum Jo Dekhein Tujhe Jee Bhar Ek Nazar,


Shahar Ko HUmari Shiqayat Karti Rahti.!!


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बेशर्म लटें.!!

Our Land Requirement.!!

हम ज़िंदगी में हमेशां बड़ी-बड़ी ज़मीन-जायदात की फिक्कर में लगे रहते हैं,यहाँ तक कि रिश्तों को भी ताक पर रख देते हैं?
बड़े से बड़ी लड़ाई का मुख्य कारण ज़मीन ही रहा है किन्तू हम ये भूल जाते हैं जीने के लिए तो ज़्यादा से ज़्यादा दो गज़ ज़मीन ही काफ़ी है चाहे मरें या जियें इतने की ही ज़रूरत है इक इंसान को?



अर्ज़ है:-



आदमी चाहे जीने मरने के लिए बना ले कितनी भी बड़ी सल्तनत.!
खड़ा हो कर जिये या बैठ – लेट चाहिए ज़मीन दो बाइ छेह फीट.!!


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Aadmi Chahe Jeene Marne Ke Liye Bana Le Kitni Bhi Badi Saltnat.!


Khada Ho Kar Jiye Ya Baith-Let Chahiye Zameen Do By Cheh Feet.!!



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Our Land Requirement.!!

Thees Day’s Real Love…

एक ज़ामाना था जब प्यार करने वाले लुक-छुप अपनी मुहब्बत को परवान चढ़ाया करते थे,मुहब्बत खातिर कुछ भी कर गुज़रने को तैयार रहते थे,इज़्ज़त को तरज़ीह दिया करते थे,वफ़ा में त्याग करते थे!मुहब्बत जिस्म-रुपयों से नहीं रूह से किया करते थे पर आज??
80०% वफ़ा-मुहब्बत जिस्मानी हो गयी है??



अर्ज़ है:-



Muhabbat Do Jism Ki Nahin,


Do Roohon Ka Milan Hota Hai.!


Ye Aur Baat Hai Ab “Sagar“,


Bistar Se Ulfat Parwan Chadhti.!!


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मुहब्बत दो जिस्म का नहीं,
दो रूहों का मिलन होता है.!
ये और बात है अब”सागर“,
बिस्तर से उलफत परवान चढ़ती .!!


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Thees Day’s Real Love…

What I Can Do…

तेरे इश्क़ से बेहतर मेरी ज़िंदगी में और कुछ भी नहीं सनम.!
ना समझे तो क्या करूँ वक़्त से पहले जा भी तो नहीं सकता.!!



Tere Ishq Se Behtar Meri Zindagi Mein Aur Kuch Bhi Nahin Sanam.!


Na Samjhe To Kya Karun Waqt Se Pahale Jaa Bhi To Nahin Sakta.!!


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What I Can Do…

Dil Hi To Hai.!!

मुहब्बत बड़ी कम्बख़त चीज़ है अव्वल तो सच में होती नहीं गर हो जाए तो सर चढ़ कर बोलती है!कई बार प्यार के फसानों में गिले-शिक़वे हो जाते हैं,दिल कहता है बस अब बहुत हो गया अब उनसे चाहे कुछ भी हो जाए बात नहीं करनी? नहीं मिलना उनसे वगेरा-वगेरा….
अर्ज़ किया है:-



सौचा था अब तुझ से कभी भी ज़िन्दगी में बात ना करूँगा.!
क्या करूँ कम्बख़त इस दिल का हर बार धोखा दे जाता है.!!


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Saucha Tha Ab Tujh Se Kabhi Bhi Zindgi Mein Baat Na Karunga.!


Kya Karun Kambakhat Is Dil Ka Har Baar Dhokha De Jaata Hai.!!


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Dil Hi To Hai.!!