Tuesday, December 12, 2017

इतना गुस्सा.!!

हुस्न पर इतना गुस्सा शोभा नहीं देता है,
हर चाहने वाला बेवफा नहीं होता.!


बात बने ना बने जान-ए-जिग्गर माना है,
“सागर“के दिल कोई-कोई बसता.!!



Filed under:

Source:: Mehfil101


      



इतना गुस्सा.!!

लोग”सागर”को शायर मान बैठे.!!

ये आपकी ज़र्रानवाज़ी है,
जो नाचीज़ को शायर मान बैठे.!



इश्क़ में घायल हैं बस,
लोग”सागर“को शायर मान बैठे.!!



Filed under:

Source:: Mehfil101


      



लोग”सागर”को शायर मान बैठे.!!

दिल का दरवाज़ा.!!

ना खोलेंगे दिल का दरवाज़ा तो हाल कैसे पता चलेगा.!
मन फरेबी या मुहब्बती किसी को जवाब कैसे मिलेगा.!!


कहने-सुनने से हाल-ए-दिल का गुबार निकल जाता है.!
दिल का बोझ हल्का होता मज़ा जीने का बड़ा मिलेगा.!!



Filed under:

Source:: Mehfil101


      



दिल का दरवाज़ा.!!

ज़ुस्तज़ू.!!

तेरे आने की ख्वाहिश में,
एक और ज़िन्दगी की शाम गुज़र गयी.!
तूने ना था और ना आई,
ज़ुस्तज़ू करते-करते ज़िन्दगी कट गयी.!!




Filed under:

Source:: Mehfil101


      



ज़ुस्तज़ू.!!