Friday, October 06, 2017

Good Bye…


गर मुहब्बत में किसी के इज़हार पर इक़रार न कर सको.!
कम से कम इतनी जेहमत तो उठाइये इन्कार कर सको.!!



बमुश्किल मिलता जहाँ में बेइंतहा प्यार करने वाला कोई.!
इतने संग दिल ना बनो के बाद किसीसे तकरार कर सको.!!



अपने दिल की खुद जान यहाँ तो बेपनाह मुहब्बत सनम.!
पूछो दिल से ताकि जरुरत पर खुदसे फ़रियाद कर सको.!!



ये शायरी किस काम की जहाँ यार मेहबूब का ना बसेरा.!
दुआ खुदा से यही अगले जन्म उन्हें’सागर‘का बना सको.!!


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Source:: Mehfil101


      



Good Bye…