Sunday, December 17, 2017

खुदा से”सागर”कैसी फरमाइश है.!!

उनका तस्सवुर उनकी आरज़ू,
ज़िन्दगी की ये कैसी ख्वाहिश है.!



जो कभी अपनी हो नहीं सकती,
खुदा से”सागर“कैसी फरमाइश है.!!



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खुदा से”सागर”कैसी फरमाइश है.!!

Why…

आग लगा तन-मन में कहाँ खो जाते हो,
वैसे भी सरकार बहुत कम नज़र आते हो.!
दीद को तरसें सारा-सारा दिन और रात,
क्यों “सागर” की जान पर बन आते हो.!!



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Why…

हाल-ए-दिल.!!

आज कल आप कहाँ और आप के वो अरमान कहाँ.!
जो कभी लफ़्ज़ों में पिरो हाल-ए-दिल बयान करते थे.!!



Aaj kal Aap kahan aur aap ke wo armaan kahan.!
Jo kabhi lafzon mein piro haal-e-dil byan karte the.!!


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हाल-ए-दिल.!!

छोटा-सा तिल खूब है इतराता.!!

तेरे लब पर ये जो छोटा-सा तिल है,
दिल का चैन चुराता.!
हंसती जो खिल-खिल कर लबों पर,,
बड़ा खूब है इतराता.!!



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छोटा-सा तिल खूब है इतराता.!!

Good Morning…!!

कई खुशियाँ और तकलीफों भरा कल का दिन गुज़रा.!
दुआ रब्ब से है आज का दिन बीते मन – उम्मीदों भरा.!!


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Good Morning…!!