चलना संभल-संभल कर यारा,
आज हवा बहुत मैली हो चली.!
उंगली गर पकड़ाओगे यारा,
बांह पकड़ने दुनियां की कोशिश होगी.!!
मतलब की हो चली दुनियां,
मतलब पर ही अब बात होगी.!
हर इंसान नहीं बुरा’सागर‘,
कभी न कभी अच्छे से मुलाकात होगी.!!
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Source:: Mehfil101
ज़माना ख़राब है.!!