एक दिन में बहुत कुछ हो सकता / जाता है!
किसी की दुनियाँ बदल सकती है किसी का कुछ?
गज़ल अर्ज़ है:-
बहुत एहमियत होती एक दिन की ‘सागर’,
एक दिन में क्या से क्या हो जाए.!
किसी को मिले एक दिन में ज़िंदगी’सागर’,
किसी की एक दिन तबाहा हो जाए.!!
वो दिन ही होता जो कोई पैदा होता’सागर’,
धरती पर आ अच्छा-बुरा कर जाए.!
जवानी आती एक दिन हर किसी को’सागर,
जो संजोए-संवारे वो अमर हो जाए.!!
एक दिन उंगली पकड़ चलना सिखाती’सागर’,
वही माँ बाद उंगली को तरस जाए.!
पढ़ा-लिखा पाल-पौस जिसे बड़ा करती’सागर’,
एक दिन से केवल बीवी का हो जाए.!!
एक दिन ही नज़र मिलती है किसी से’सागर‘,
जन्म-ओ-जन्म का नाता हो जाए.!
दो जिस्म एक दिन ही एक जान होते’सागर‘,
नयी उत्पत्ति का सर्जन हो जाए.!!
एक दिन सौच पंक्तियाँ लिख गया’सागर‘,
नस्लों को कुछ उम्मीद हो जाए.!
एक दिन ही होगा जहाँ में जब रहेगा ना’सागर‘,
यादों में चर्चा’सागर‘का हो जाए.!!
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Source:: Mehfil101
One Day…?(On Demand By My Sis)