Monday, January 02, 2017

From The Voice Of Heart…

कुछ लोग भावनाओं की कद्दर नहीं करते शायद खुद में जीना पसंद करते होंगे?
या उनकी कोई और वजह हो सकती है!
पर यहाँ ये मानना है जिस दिल में ज़ज़्बात नहीं वो दिल दिल नहीं!!
ठीक वैसे ही है जैसे की कोई कल-पुर्जों से सज़ा जिस्म??


ज़िंदा लाश बनने से बेहतर है ज़िंदा दिल बनिये्अर किसी को अपनी और से इज़्ज़त
मान-सम्मान और प्रेम दीजिए बाकी मालिक पर छोड़ दीजिए!
वही उचित-उनुचित का फ़ैसला करेगा,आख़िर उसी के बंदे जो हैं?
उसकी रज़ा के बिना पत्ता भी नहीं हिल सकता फिर हमारी क्या बिसात?



ज़िंदगी चार दिनों का मेला है”सागर“,
हंस या रोकर गुज़ार दे.!


ना इल्ज़ाम दे किसी को यार’सागर‘,
ज़िंदगी जी कर गुज़ार दे.!!



गुज़रे वक़्त में हम में से काइयों ने बहुत कुछ खोया होगा?
कुछ ऐसा जो वापिस आ सकता है और कुछ ऐसा जो कभी वापिस ना आएगा?
पर किया भी जा सकता है?



“मालिक की रज़ा मालिक ही जाने!“



क्यूँ सौच-सौच ज़िंदगी गुज़ारें’सागर‘,
क्या खोया क्या पाया.!
मालिक जो भी करता ठीक करता,
सौचो कम ही खोया.!!



Kyun Soch-Soch Zindagi Guzarein’Sagar‘,


Kya Khoya Kya Paya.!


Maalik Jo Bhi Karta Theek Karta,


Socho Kam Hi Khoya.!!



” प्यार बाँटिए प्यार ही मिलेगा बबूल बोने से अमृत प्राप्ति की कल्पना करना बेमानी है?“



जैसा’सागर‘वैसा कहता यारो,
दिल में कुछ काम और की आदत नहीं.!
माँ ने कहा था एक-सा रहना,
बात माँ की ना मानने की ताक़त नहीं.!!


दिल अपना निकाल रखा है,
मानों या ना मानो कोई शिक़ायत नहीं.!
बहुत जी चुके यूँही रह यारो,
अब खुद को बदलने की हरारत नहीं.!!


जो भी दिया रब्ब ने ठीक,
उसके यहाँ अलग-अलग रियायत नहीं.!
नेक काम खातिर बेशॅक मरूं,
पापा कहते थे इससे बड़ी शहादत नहीं.!!



rabb



Jaisa’Sagar‘Waisa Kehta Yaaro,


Dil Mein Kuch Kam Aur Ki Aadat Nahin.!


Maan Ne Kaha Tha Ek-Sa Rahna,


Baat Maan Ki Na Manne Ki Takat Nahin.!!



Dil Apna Nikaal Rakha Hai,


Mano Ya Na Mano Koyi Shiqayat Nahin.!


Bahut Ji Chuke Yunhi Rah Yaaro,


Ab Khud Ko Badalne Ki Harart Nahin.!!



Jo Bhi Diya Rabb Ne Theek,


Uske Yahan Alag-Alag Riyayat Nahin.!


Nek Kam Khatir Beshq Marun,


Papa Kahte The Isse Badi Shahadat Nahin.!!


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जब भी दिल-दिमाग़ की सुनेंगे कुछ खूबसूरत-लाजवाब ही सुनने-बोलने-लिखने
को मिलेगा!!यक़ीन मानिए


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“दिल-दिमाग़ बड़ी खूबसूरत चीज़ है“



मुहब्बत भी करना सिखाता है और लड़ना-खून-ख़राबा करना भी
फ़ैसला आपको करना है



“क्या अच्छा है और क्या बुरा?“


@Advo.R.R.’Sagar‘


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From The Voice Of Heart…

दर्दान दी देजा दवा.!!

सोहन्यान दी गलां विह सोहनियाँ हौंडीयाँ,
पर कद्दी-कद्दी ज़िद्दी हो वडा दर्द देइन्दे नें.!
अर्ज़ किता हेगा:-



तेनू याद कर-कर,
साढी अख भर आई.!


होये अस्सी शोदाइ,
तूँ फिर विह ना आई.!!




अख लड़ान वेले सोचदी,
तेनू लाज क्यूँ ना आई.!


आग ला दिल विच,
तेनू हूँ लाज आई.!!




मर्जानी ज़िंद होई,
कद्दी सद्दर ना होई.!


लोकी होन्से कर्दे,
मौत क्यूँ ना आई.!!


mehbani


Tenu Yaad Kar-Kar,


Sadhi Akh Bhar Aayi.!


Hoye Assi Shodai,


Tun Phir Wih Na Aayi.!!



Akh Ladan Wele Sochdi,


Tan Laaj Kyun Na Aayi.!


Ag La Dil Wich,


Tenu Hun Laaj Aayi.!!



Marjaani Zind Hoyi,


Kaddi Saddar Na Hoyi.!


Loki Honse Karde,


Maut Kyun Na Aayi.!!



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दर्दान दी देजा दवा.!!

शुभ प्रभात ईश्वर का शुक्रिया.!!


शुभ प्रभात-शुभ प्रभात सभी,
प्रिय मित्रग्न.!


प्रणाम एक और सुबहा का,
ईश्वर का शुक्रिया.!!


सूरज की पहली किरण संग,
आ मेरे आँगन.!


कर नमस्कार नये सवेरे का,
कर आलंगण.!!


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शुभ प्रभात ईश्वर का शुक्रिया.!!

Last Chance…



ज़िंदगी में हर इंसान से कुछ ना कुछ ग़लती हो ही जाती है!
ज़रूरी नहीं की जो आपने देखा समझा वही सही हो?



दो जनों की आपस में एक सोशियल साइट पर बड़ी बनने लगी,
अक्सर दोनों घण्टों आपस में बतियाते रहते!
लड़की को पता चला लड़का उसकी जाति का है फिर क्या था,
उसकी दिलचस्पी और भी बाद गयी!
ऊपर से सोने पर सुहागा”लड़का लड़की के शहर का ही निकला!


एक दिन लड़के ने लड़की एक बात शेयर करदी !



लड़की उससे नाराज़ और दूर हो गयी



“ये सौच शायद लड़का उसकी बातें सब को बता सकता है!“
बिन सौचे-समझे और पूछे!
इसे उसके यक़ीन की कमी कहें या नासमझी या जल्द बाजी?
हो सकता है वो सही भी हो पर क्या ये ज़रूरी है?
“जनाब मुहब्बत में यक़ीन ज़रूरी होता गर कहीं शक-शुभा हो
पूछ लेना चाहिए?



“ग़लतफ़हमियाँ रिश्ते तोड़ती ही हैं जोड़ती नहीं?“



कोई आपको कितने मौके दे सकता है?एक-दो-तीन…?



“That’s Enough…”



शायर मन ने ऐसी ही समस्या / वकीये को ध्यान में रख
ग़ज़ल अर्ज़ की है:-


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बहुत कुछ था पिछले साल जो तुम्हें,
अच्छा ना लगा हमें अच्छा ना लगा.!


पीछे छोड़ देते सब बातें जो तुम्हें,
अच्छी ना लगी हमें अच्छी ना लगी.!!


नया साल नयी शुरुवत कर लेते हैं,
जो दिल को रास आए मन को भी भाए.!


कहना तुम्हें भी होगा हमें भी,
दिन कैसा है गुज़रा साल कैसा लगा.!!


गर दिल को कोई चोट पहुँचाई है तो,
तुम हमें माफ़ करो हम तुम्हें.!


फिर ना कहना’सागर‘तुमने बात ना की,
अच्छा ना किया दिल को अच्छा ना लगा.!!


11


Bahut Kuch Tha Pichale Saal Jo Tumhein,


Achcha Na Laga Humein Achcha Na Laga.!


Piche Chod Dete Sab Baatein Jo Tumhein,


Achchi Na Lagi Humein Achchi Na Lagi.!!




Naya Saal Nayi Shuruvat Kar Lete Hain,


Jo Dil Ko Raas Aaye Man Ko Bhi Bhaaye.!


Kehna Tumhein Bhi Hoga Humein Bhi,


Din Kaisa Hai Guzara Saal Kaisa Laga.!!




Gar Dil Ko Koyi Chot Pahunchai Hai To,


Tum Humein Maaf Karo Hum Tumhein.!


Phir Na Kehna’Sagar‘Tumne Baat Na Ki,


Achcha Na Kiya Dil Ko Achcha Na Laga.!!


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Last Chance…