Thursday, November 03, 2016

Changing Relationships …

दुनियाँ के कैसे-कैसे चलन कभी सौचता है दिल.!
यहाँ ज़िंदगी के पल-हर-पल नये-नये मायने हैं.!!


वो भी एक वक़्त गुज़रा है जब सरहाया था ना किसी ने.!
आज तरसते हैं सभी ‘सागर‘ की इक झलक पाने को.!!



Duniyaan Ke Kaise-Kaise Chalan Kabhi Sauchata Hai Dil.!


Yahaan Zindagi Ke Pal-Har-Pal Naye-Naye Mayne Hain.!!


Wo Bhi Ek Waqt Guzara Hai Jab Sarhaya Tha Na Kisi Ne.!


Aaj Tarsate Hain Sabhi ‘Sagar‘ Ki Ik Jhalak Paane Ko.!!



Filed under:

Source:: Mehfil101


      



Changing Relationships …

God:One Man Army…

रिश्तों को तोड़ना-जोड़ना इंसान के अपने हाथ होता.!
मुहब्बत में मन-चाहा मिलना ‘सागर‘ खुदा हाथ.!!



Rishton Ko Todna-Jodna Insaan Ke Apne Haath Hota.!


Muhabbat Mein Manchaha Milna’Sagar‘Khuda Haath.!!


Filed under:

Source:: Mehfil101


      



God:One Man Army…

No Love Without Fight…

जहाँ चाहत है वहाँ राड है,
यही एक शाश्वत सच है!
बुरा तो अपने का ही लगता है,
अंजाने का क्या बुरा-भला मानना?
तो जनाब गुस्सा छोड़िए इकरार कर लीजये,
अज़ी दीवाने दिल थाम राहों में खड़े हैं?
अर्ज़ है:-



कुछ रिश्ते बहुत अज़ीज़ होते हैं पर फिर भी,
चाहे-अनचाहे उनमें उनबन हो जाती.!
‘सागर‘सब मुक़द्दर का खेल है कहे ज़माना,
जहाँ मुहब्बत अक्सर तकरार हो जाती.!!


55555.jpg


Kuch Rishte Bahut Azeez Hote Hain Par Phir Bhi,


Chahe-Anchahe Unmein Unban Ho Jaati.!


‘Sagar‘Sab Muqaddar Ka Khel Hai Kahe Zamana,


Jahaan Muhabbat Aksar Takraar Ho Jaati.!!


Filed under:

Source:: Mehfil101


      



No Love Without Fight…

आखिर क्यों मुझे तुम इतना दर्द देते हो

आखिर क्यों मुझे तुम इतना दर्द देते हो

जब भी मन में आये क्यों रुला देते हो

निगाहें बेरुखी हैं और तीखे हैं लफ्ज़

ये कैसी मोहब्बत हैं जो तुम मुझसे करते हो


मेरे बहते आंसुओ की कोई कदर नहीं

क्यों इस तरह नजरो से गिरा देते हो

क्या यही मौसम पसंद है तुम्हे जो,

सर्द रातो में आंसुओ की बारिश करवा देते हो


तीर दर्द का सा लगता है सीने में मेरे

जब कांपता देख भी तुम मुस्कुरा देते हो

लोग तो मुर्दे को भी सीने से लगा कर प्यार करते हैं

फिर क्यों मेरे करीब आकर तुम हर बार ज़ख्म नया देते हो


आखिर क्यों मुझे तुम इतना दर्द देते हो

जब भी मन में आये क्यों रुला देते हो


The post आखिर क्यों मुझे तुम इतना दर्द देते हो appeared first on Shayari.


Source:: Mehfil101


      



आखिर क्यों मुझे तुम इतना दर्द देते हो