मुहब्बत में अक्सर लोग बेवफा हो जाते हैं और ठीकरा वक़्त-मजबूरी आदि पर फोड़ते हैं!
खुशकिस्मत हैं वो जो अपनी मुहब्बत को मुकाम तक पहुँचाने में सफल रहते हैं!
अर्ज़ है:-
कभी बेवफ़ाई को मजबूरी ने थामा,
कभी वक़्त के तकाज़े ने.!
हर बेवफा ने बेवफ़ाई कर यही जवाब,
महबूब को दिया अक्सर.!!

Kabhi Bewafai Ko Majboori Ne Thaama,
Kabhi Waqt Ke Takaze Ne.!
Har Bewafa Ne Bewafai Kar Yahi Jawab,
Mehboob Ko Diya Aksar.!!
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Source:: Mehfil101
Disloyal Lover…
