Wednesday, January 04, 2017

That’s Final…

दूरियाँ स्थानों शहरों या देशों की हो सकती हैं.!
परन्तू अगर दिलों में प्यार हो हर दूरी कम है.!!



यही पहली वा आख़िर दिली इलतज़ा रब्ब से है.!
जान जाए उनके सामने जो हमें प्यार करते हैं.!!



ईश्वर ने बहुत कुछ दिया अब कोई हसरत नहीं है.!
दुख इस बात का ज़रूर माँ-बाप को क्यूँ छीना है.!!



दिल ने जिसे भी देखा मिला चाहा अपना हुआ है.!
मालिक ज़मीन भेज बन्दे का ख़याल भी रखता है.!!



ख्वाहिशों और इच्छा की इंसान पास कमी नहीं है.!
यहाँ ऐसी किस्मत पाई शिक़वा-शिक़ायत नहीं है.!!


Filed under:

Source:: Mehfil101


      



That’s Final…

Old Memories Never Die…

ज़िंदगी गुज़रे लम्हों और यादों को सॅंजो के रखने का नाम है!
आपकी ज़िंदगी में कभी ना कभी कुछ या बहुत से हसीन पल
यक़ीनन गुज़रे होते हैं?आप अक्सर उन्हें याद कर कहीं खो
जाते हैं,वैसे ही यादों के झरोखों से कुछ लम्हें याद कर एक
ग़ज़ल बन पड़ी है:-



काम ज़िंदगी में और ज़रूरी हैं.!
तुझसे मिलना भी तो ज़रूरी है.!


साँसे जीने के लिए ज़रूरी हैं.!
प्यार बिन ज़िंदगी अधूरी है.!!


माना ख्वाहिशें कई ज़रूरी हैं.!
तुझ से सब ख्वाहिशें पूरी हैं.!!


प्यार में हर कदम मजबूरी है.!
प्यार है तो इम्तहान ज़रूरी है.!!


ना कहना हुस्न की मगरूरी है.!
अदाओं बिना हसीना अधूरी है.!!


‘सागर‘ उससे प्यार मजबूरी है.!
जीने लिए इक साथ ज़रूरी है.!!


pyaar


Kaam Zindagi Mein Aur Zaruri Hain.!


Tujh Se Milna Bhi To Zaruri Hai.!!


Sansein Jine Ke Liye Zaruri Hain.!


Pyaar Bin Zindagi Adhoori Hai.!!


Maana Khwahish Kai Zaruri Hain.!


Tujh Se Sab Khwahishe Poori Hain.!!


Pyaar Mein Har Kadum Majboori Hai.!


Pyaar Hai To Imthaan Bhi Zaruri Hai.!!


Na Kehna Husn Ki Magruri Hai.!


Adaaoon Bin Haseena Adhuri Hai.!!



‘Sagar‘Usse Pyaar Karna Majboori Hai.!


Jeene Ke Liye Ik Saath Zaruri Hai.!!


Filed under:

Source:: Mehfil101


      



Old Memories Never Die…

Incomparable Beauties. !!

तेज़ बारिश हो और जनाब भीग जायें सर से पाँव तक?
यक़ीनन पानी में भी आग लग जाएगी फिर बंदे की बिसात कहाँ?
ग़ज़ल अर्ज़ है:-



अफ ये कम्बख़त बारिश और उस पर आपका हुस्न.!
मदहोश कर रहा बिन पिए आप का बेमिसाल हुस्न.!!


करीने से सजाया-संवारा मालिक ने फ़ुर्सत में शायद.!
कर गया होगा उसे भी गुमरहा आपका हसीन हुस्न.!!


बारिश का मज़ा और भी बढ़ जाता जो भिगो आप.!
छेड़े भीगा बदन आपका और उस पर नशीला हुस्न.!!


बाग-ए-चमन में कलियाँ कई खिलखिलाते फूल भी.!
भंवरे भटक मचल रहे हैं देखा ना पहले ऐसा हुस्न.!!


तसव्वुर में बसे हो आज कल आप ज़िंदगी बन कर.!
दुआ ‘सागर‘ की रात-दिन हो अपना आपका हुस्न.!!



barish



Filed under:


Source:: Mehfil101


      



Incomparable Beauties. !!