Thursday, December 07, 2017

ज़िन्दगी की राह में!!

मेरी ज़िन्दगी की राह में,
तेरी नसीहतें रही हैं शामिल.!
मुझे कुछ पता ना था,
तेरी मुहब्बत मिलने से पहले.!!


गिला कोई हो बता दे,
यारों में तो शिक़वे होते रहते.!!
जहाँ तक़रार कोई ना,
वहाँ प्यार में भरोसे कम होते.!!


दिल में यही कशमकश,
तेरे बिन अब कैसे जी सकूंगा.!
किसी और का ख्याल,
दिल में मैं कैसे बसा सकूंगा.!!


वो नदियां और होगी,
जो ‘सागर’ से खुदको बचाती.!
दिल बड़ा”सागर“का,
जब भी जी चाहे जो समाती.!!



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Source:: Mehfil101


      



ज़िन्दगी की राह में!!

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