Wednesday, January 04, 2017

That’s Final…

दूरियाँ स्थानों शहरों या देशों की हो सकती हैं.!
परन्तू अगर दिलों में प्यार हो हर दूरी कम है.!!



यही पहली वा आख़िर दिली इलतज़ा रब्ब से है.!
जान जाए उनके सामने जो हमें प्यार करते हैं.!!



ईश्वर ने बहुत कुछ दिया अब कोई हसरत नहीं है.!
दुख इस बात का ज़रूर माँ-बाप को क्यूँ छीना है.!!



दिल ने जिसे भी देखा मिला चाहा अपना हुआ है.!
मालिक ज़मीन भेज बन्दे का ख़याल भी रखता है.!!



ख्वाहिशों और इच्छा की इंसान पास कमी नहीं है.!
यहाँ ऐसी किस्मत पाई शिक़वा-शिक़ायत नहीं है.!!


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Source:: Mehfil101


      



That’s Final…

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