मुझको आती नहीं बड़ी-बड़ी बातें,
नादाँ दिल का मालिक हूँ यारो.!
कभी इश्क़-विश्क चक्कर न पड़ा,
इस खेल में अनपढ़ हूँ यारो.!!
उसकी गिटटर-पिटर अंग्रेजी बातें,
मतलब उनका वही जाने यारो.!
हूँ सीधा-साधा हिंदुस्तानी आशिक़,
समझूँ सीधी-साधी बातें यारो.!!
क़बूल है तो फिर हाँ करे मुझ को,
कह दो उसे न तड़पाये यारो.!
न करनी तो इनकार क्यों न करती,
“सागर“से क्यों इतराती यारो.!!
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Source:: Mehfil101
नादाँ दिल का मालिक “सागर”.!!
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