Saturday, December 23, 2017

अपनी खताओं की सजा मुझको ना दे.!!

अपनी खताओं की सजा मुझको ना दे,
मैंने चाहा अपनी सांसों से बढ़.!


तेरी दोस्ती में ही ना अपनापन था कभी,
और तूने है मेरी तौहीन की.!!



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Source:: Mehfil101


      



अपनी खताओं की सजा मुझको ना दे.!!

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