बच के रहना सीखेंगे,
हसीनों की कलाकारी से अब.!
कहीं ऐसा न हो जाए,
उन्हें ही हम से प्यार हो जाए.!!
खता कर सजा दें.
इश्क़ में यक़ीन कैसे रह जाए.!
साथी खूबसूरत हो,
दिल क्यों ना बेईमान हो जाए.!!
मौसम की क्या खता,
गर ज़िन्दगी बईमान हो जाए.!
दिखा सपनें रसीले,
“सागर“साथी जो बेवफा जाए.!!
Filed under:
Source:: Mehfil101
साथी खूबसूरत हो दिल क्यों ना बेईमान हो जाए.!!
No comments :
Post a Comment