Wednesday, December 20, 2017

ये ज़िन्दगी तेरी अमानत है..!!

कभी-कभी ऐसा लगता है ज़िन्दगी की सांसों की डोर टूटने को है,
वैसे भी यह एक शाश्वत सच है “जो आया है जायेगा भी“…
आज या फिर कल जाने कब…?जाना तो है ही…
कुछ अल्फ़ाज़ लफ्ज़ बन कागज़ पर बिखरे हैं जो नज़्म में पेश हैं…


अर्ज़ है:-


ये ज़िन्दगी तेरे नाम की ही है,
तेरे नाम ही कर जाएंगे.!
किसी की नहीं तेरी अमानत,
तुझी को ही दे जाएंगे.!!…


बहुत हुए रुस्वा प्यार खातिर,
खामोश चले जाएंगे.!
तन्हाई में रोएंगे अक्सर पर,
आवाज़ ना दे पाएंगे.!!…


दूर से देखेंगे तेरा बसेरा अब,
तेरी दुआ मांग जाएंगे.!
क़यामत बाद भी सलामत रहे,
खुदासे मांग कर जाएंगे.!!…


सांसों की डोर टूटने को है,
काने कब चले जाएंगे.!
तय है जान-ए-जहाँ”सागर“,
तुझे बड़े याद आएंगे.!!…



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Source:: Mehfil101


      



ये ज़िन्दगी तेरी अमानत है..!!

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