मायने ज़िन्दगी के एक रात में ही बदल जाते.!
बातें करते-करते जाने कब प्यार कर हैं जाते.!!
कुछ पल की दूरी भी लगती जन्मों की दूरियाँ.!
“सागर“तभी दुनियां प्यार को नशा कहे जाती.!!
क्या खूब है जानूं तेरे कॉलेज की पढाई.!
असाइनमेंट्स और कम्प्यूटर की पढाई.!!
क्या करेगी पढ़ चौका-बर्तन ही करना.!
संभालेगी चार-पांच बच्चे करेगी लड़ाई.!!
जवानी की बहार बार-बार कहाँ मिलती.!
मानले कहना छोड़ ये मगज़ की खपाई.!!
कम्प्यूटर पड़ेगी कम्प्यूटर ही हो जायेगी.!
खुद क्या मेमोरी हार्ड-डिस्क में फँसाई.!!
उल्लू-सी रात जागती और उल्लू बनाया.!!
अब बिस्तर पर जा लेती तान गर्म रजाई.!!
चल जैसी भी’सागर‘की है दिल-ओ-जान.!!
बाद देखीं जायेगी कर लेते पहले सगाई.!!
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Source:: Mehfil101
तेरे असाइनमेंट्स-कम्प्यूटर और कॉलेज की पढाई.!!
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