Sunday, December 17, 2017

खुदा से”सागर”कैसी फरमाइश है.!!

उनका तस्सवुर उनकी आरज़ू,
ज़िन्दगी की ये कैसी ख्वाहिश है.!



जो कभी अपनी हो नहीं सकती,
खुदा से”सागर“कैसी फरमाइश है.!!



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Source:: Mehfil101


      



खुदा से”सागर”कैसी फरमाइश है.!!

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