Sunday, December 24, 2017

वो शर्तों से प्यार करते रहे..!!

हम उनकी बेवफाई को,
मुहब्बत है समझते रहे.!
नादान थे यारो”सागर“,
पत्थर देवता समझते रहे.!!


पहला-पहल तजुर्बा था,
हम क्या जाने वफ़ा को.!
दुनियां समझाती रही पर,
हम खुद को हराते रहे.!!


कोई शिकयत न शिक़वा,
तन्हा सफर-ए-हयात करेंगे.!
वो चिराग सब भुजा गए,
दुआ में उनको मांगते रहे.!!


शर्त होती नहीं प्यार में,
वो शर्तों से प्यार करते रहे.!
ख्याल बन न आएं अब,
रातों को तभी जागते रहे.!!



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Source:: Mehfil101


      



वो शर्तों से प्यार करते रहे..!!

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