Thursday, December 14, 2017

कभी गीत कभी ग़ज़ल बन कागज़ पर उतरा”सागर”का दिल.!!

दीवाना है दिल घायल है दिल परवाना है,
कभी भाई बन कभी शायर कभी आशिक़ बन धड़का है दिल.!



तन्हाई में तड़पा चाहत में मुस्कुराया है,
कभी गीत कभी ग़ज़ल बन कागज़ पर उतरा”सागर“का दिल.!!



Filed under:

Source:: Mehfil101


      



कभी गीत कभी ग़ज़ल बन कागज़ पर उतरा”सागर”का दिल.!!

No comments :