ना खुद सोता ना सोने देता,
अजीब नशा उसकी बाँहों में.!
करीब होतो जहाँ ज़न्नत लगे,
खूब कशिश उसकी सांसों में.!!
हर पल उसका साथ गवारा,
वो संग तो हर मौसम बहारों में.!
तन्हाई में उसका साथ भाता,
वक़्त गुज़रे बस फिर आहों में.!!
ये ज़िन्दगी की उसके नाम,
यक़ीनन ले जाएगा सितारों में.!
हर शय बड़ी खूब लगती जो,
खुद को देखूं उसकी आँखों में.!!
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Source:: Mehfil101
ना खुद सोता ना सोने देता.!!
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