जहाँ आपका बचपन बीता हो,उस शहर या जगह जब ज़िन्दगी में दोबारा जाना हो,
बचपन के दोस्त कुछ खट्टे-मीठे पल…
गुज़री यादें ताज़ा हो जाती हैं…वाह ठरटीपुर…वाह हजीरा…
गुज़रा वक़्त”सागर“कभी लौट कर नहीं आता.!
वो शहर भी जहाँ बीता जीवन भूला नहीं जाता.!
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Source:: Mehfil101
वाह ठरटीपुर…वाह हजीरा…
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