चलो दीप दीवाली के जलाएं,
शहर में बड़ा अँधेरा है.!
हर तरफ मची आज दुहाई,
दिलों में बड़ा अँधेरा है.!!
पर्व है अमन-शांति-भाईचारे,
असत्य पे जीत सत्यका.!
आगमन है नव-निर्माण और,
लक्षय चाँद-तारों का.!!
कुछ पल की जीत रावण की,
फिर होती हार यक़ीनन.!
अच्छाई याद रखे जमाना भी,
बुरा जैसे कोई नशेमन.!!
जीने की आरज़ू और कर,
बहुत कुछ जहाँ है में.!
इक दीया उम्मीद का जला,
“सागर“खड़े वो रह में.!!
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Source:: Mehfil101
Wish You a Happy Diwali————–‘Sgar’
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