Thursday, October 26, 2017

Happy Night…!

कुछ दिनों खातिर बहार जाने का प्लान है,
कौन जाने लौटना हो या ना हो…?
कहते हैं ना जाना अपने हाथ हो और आना दूजों के…
अर्ज़ है:-



मरने की खबर गर कभी हमारी मिल जाए तो समझना.!
“सागर“एक खवाब था जो कभी हकीकत ना बन सका.!!



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Source:: Mehfil101


      



Happy Night…!

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