कुछ दिनों खातिर बहार जाने का प्लान है,
कौन जाने लौटना हो या ना हो…?
कहते हैं ना जाना अपने हाथ हो और आना दूजों के…
अर्ज़ है:-
मरने की खबर गर कभी हमारी मिल जाए तो समझना.!
“सागर“एक खवाब था जो कभी हकीकत ना बन सका.!!
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Source:: Mehfil101
Happy Night…!
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