इसमें कोई दौराये नहीं कि एक औरत अपने पति/खामिंद से बेइंतहा मुहब्बत करती है,
हर पल अपने सुहाग वास्ते लम्बी उम्र,स्वास्थ,तरकी आदि की दुआ रहती करती है और…
मर्द(सभी नहीं) इससे कोसों दूर हैं!
माना कुछ हैं जो वक़्त की पाबंद ना हों पर अपवादों सहारे दुनियां का आंकलन नहीं होता!
सच तो ये है एक अच्छी पत्नी वास्ते तो हर दिन करवाचौथ होता है,
गर उसका पति उसे समझे?उसकी भावनाओं को जाने?
दिल से सवीकार और बेइन्तहा प्यार करे?
But…?
अर्ज़ किया है:-
चाँद भी आहें भरेगा,
देख हुस्न आज हसीनों का.!
मर्दों की क्या बिसात,
सोचें कहीं और जाने का.!!
सज धज के बैठी हैं,
घर-घर की लक्ष्मियाँ आज.!
हर घर में है रौनक,
मौका नहीं बाहर जाने का.!!
पप्पू की मम्मी,
दादी-नानी सारी जनांनियाँ.!
बनी फिर दुल्हन,
जश्न जेब ख़ाली कराने का.!!
ऐश करो यारो,
मिलता कहाँ मौका हरदम.!
एक दिन तो है,
जी भर-भर रोटी खाने का.!!
मुबारक करवाचौथ,
सुहागनों पूरी हों ख्वाहिशें.!
बार-बार मिले मौका,
इन्हें करवाचौथ मनाने का.!!
चलते-चलते चार पंक्तियाँ ख्वाहिशों के नाम…
रख लेती गर ‘सागर‘ नाम का करवाचौथ,
तुझे क्या फर्क पड़ जाता.!
फिरोजाबाद वालिये बदनाम होती माना,
पर चर्चा जहाँ में रह जाता.!!
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Source:: Mehfil101
Happy Karwachauth…
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