कभी थे तेरे शहर के बाशिंदे,
अब किसी और जहाँ की अमानत.!
बड़े रुस्वा हो निकले”सागर“,
दे ना अब नए प्यार की ज़मानत.!!
Filed under:
Source:: Mehfil101
तेरा शहर छोड़ चुके हैं…!!
No comments :
Post a Comment