Monday, October 30, 2017

महज बातों के यार.!!

कैसी मुहब्बत कैसी है वफ़ा,
यहाँ कसमें वादे सब अधूरे.!


आप उम्मीद रखें सब’सागर‘,
खुद एक वादे से ही अधूरे.!!



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Source:: Mehfil101


      



महज बातों के यार.!!

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