Thursday, October 26, 2017

“सागर”से आँख लड़ाई आवारा से नहीं.!!

बतमीज़ कहीं की कितना सोती है,
यहां ज़िन्दगी याद कर – कर रोती है.!


तड़पा ले जितना है तड़पा सकती,
शुरू-शुरू हुस्न आदत ऐसी होती है.!


असाइनमेंट्स बनाने मुश्किल हैं माना,
बट सी एस की पढाई आसान होती है.!


तकिया कमर के पीछे लगा बैठा कर,
जवानी अक्सर नज़रअंदाज़ होती है.!


दे वक़्त नहीं सारे शहर बदनाम होगी,
टॉपर मैडम इश्क में भी फ़ैल होती है.!!


“सागर“से आँख लड़ाई आवारा से नहीं,
ज़िन्दगी में मुहब्बत कभी-कभी मिलती है.!



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Source:: Mehfil101


      



“सागर”से आँख लड़ाई आवारा से नहीं.!!

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