तुझसे नाराज़ नहीं ज़रा भी,
क्या करूँ मेरी आदत ही कुछ ऐसी है.!
जिसे भी चाहता हूँ दिल से,
आगे ज़िन्दगी रहनुमाई बंद कर देती है.!!
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Source:: Mehfil101
क्या करूँ ज़िन्दगी रहनुमाई बंद कर देती.!!
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