Thursday, October 19, 2017

कुड़ी ❤️फिरोजाबादी…

जो दिए दीपावली के छत पर जला रहे हो,
इक दिया यार नाम का भी जला देना.!
क्या खबर अगले बरस कोई ना छेड़े तुझे”हाने“,
याद कर ‘सागर‘ को मुस्कुरा देना.!!



होंगे चर्चे फ़िरोज़ाबाद की गलियों में बहुत,
सारा शहर तेरे नाम का दीवाना होगा.!
दिल-औ-जान नाज़ तुझे है न बहुत खुद पर,
देखना एक दिन मेरे दर आना ही होगा.!!


कहती हो शायरी में दिल बसता है बहुत,
गीत-ग़ज़लों से क़बूल करवाना होगा.!
गर शायरी में दम होगा एहसास करा देंगे,
इस ज़िन्दगी का तुझे गीत बनना होगा.!!


उधर तूँ ज़िद्दी बहुत पर इधर भी कम नहीं,
इक़रार अपनी ज़ुबान तुझे लाना होगा.!
तेरी से गली जब अपनी मयियत निकलेगी,
दीदार करने छत पर आना ही होगा.!!


शिद्दत से हर रोज़ तेरे शहर में तलाश की,
फिरोजाबादी कुड़ी तुझे मिलना होगा.!
चाहे कितनी भी मशगूल आगे पढाई में,
‘सागर‘वास्ते वक़्त निकालना ही होगा.!!


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Source:: Mehfil101


      



कुड़ी ❤️फिरोजाबादी…

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