यकीं नहीं है फिर भी यकीन है इस दिल का.!
तेरी सांसों में महक अब भी मेरे बदन की है.!!
किसी के प्यार में जीना सबब की बात होती है.!
वो लोग क्या हुए जो जान दे किनारा हो लिए.!!
वफ़ा के फूल खिलते नहीं पत्थरीली ज़मीं पर.!
बहार आती है अक्सर नसीब वालों के दर पर.!!
नज़र मिला पलक झुका हया बहुत कुछ कहती.!!
नादाँ मुहब्बत पहले-पहल यूँ ही इक़रार करती.!!
बहुत हुए रुस्वा तेरे प्यार की खातिर सनम.!
कभी तो वक़्त निकाल सही वक़्त मिला कर.!!
कई हुए हैं क़ाबिल वफ़ा को पा-पा कर ‘सागर‘.!
यहां जीने का मज़ा लिया गुज़रे लम्हें याद कर.!!
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Source:: Mehfil101
किसी के प्यार में जीना सबब की बात होती..!!
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