इंसान ज़िन्दगी में सोचता कुछ है और होता कुछ और…?
हो सकता है वो रात के ३ बजे किसी के बारे में सोच
रहा हो?
और वो हो किसी और की आगोश में…?
यही जीवन है और उसका कटु सत्य…?
चाहे जैसा भी वक़्त आकर गुज़र जाए खुश रहने की कोशिश करें,
माना कहना आसान है निभाना मुश्किल…?
इसके सिवा और कोई चारा भी तो नहीं है…?
उम्मीद पर दुनिया टिकी है,
बचपन-जवानी-बुढ़ापे की कड़ी है.!
उम्मीद ना-उम्मीदी मिटाती,
“सागर“उम्मीद तो ज़िन्दगी हंसीं है.!!
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Source:: Mehfil101
You Don’t Have Second Option…🌹🌹
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