Monday, May 01, 2017

फिर भी आप लाजवाब हैं…


आप किसी से दो-चार बातें कर उससे बोलना छोड़ देते हैं,
क्यूंकि आपको लगता है आप ही श्रेष्ट हैं??
और भाषण-बाजी शुरू कर देते हैं??
कभी आप यक़ीन पर तो कभी आपसी समझ पर??
काश आप पहले खुद को परख लें तो कितना अच्छा हो??
अर्ज़ किया है:–



देखा अक्सर लोगों को बड़ी-बड़ी बातें करते,
जिन्हें खुद ही उन पर अमल करना नहीं आता.!
चले हैं दुनियां को वही सुधारने अब ‘सागर‘,
जिन्हें खुदको पहले साबित करना ही नहीं आता.!!


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Source:: Mehfil101


      



फिर भी आप लाजवाब हैं…

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