हुस्न की बेरुखी का कारण शायद ही कोई जान पाए…?
इश्क़ को चाहिए कि बस मुहब्बत करे और करता रहे…
अर्ज़ किया है:-
कैसे समझाऊँ उन को इस दिल की हालत.!
नहीं बात करती तो दुनियां सूनी-सूनी लगती.!!
धड़कने रुकने को होती सांसें बेज़ार दिखती.!
अर्थी सपनों में और मौत सामने खड़ी लगती.!!
अरे कुछ तो तरस खाओ हसीनों का प्यारा हूँ.!
दिल आप पर हारा इतनी खुन्नस क्यों रखती.!!
सखियों ने कसम दी या सब तड़पाने खातिर.!
इतने बुरे तो नाचीज़ की शायरी क्यों पढ़ती.!!
इक दिन पच्छ्ताओगे याद करोगे’सागर“को.!
तन्हाई में रोओगे क्यों मैं प्यार नहीं थी करती.!!
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Source:: Mehfil101
Are U Annoyed…
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