Sunday, April 23, 2017

Her Problem His Tension…

सोशल साइट्स पर की गयी मुहब्बत पर कम ही यक़ीन करना अच्छा रहता है
कौन जाने कब-कहाँ कोई हुस्न अपना प्रोफइल बंद करदे या चलाना ही छोड़ दे?
चाहे शादी हो जाना या कोई और कारन या हो सकता है कोई मजबूरी?
बेचारा इश्क़ तो गया ना बारहां के भाव में?
” एक मित्र महोदय सोशल साइट्स पर इक बड़ी ही हसीं दिलकश हसीना से
दिल लगा बैठे जनाब रात-दिन इंतज़ार करते और उनके ऑनलाइन होते ही
हो जाते चैटिंग करना…
फिर एक दिन अचानक “वो अकाउंट”बंद हो गया?? “
जनाब का जो हाल हुआ वो देखते ही बनता था??


अर्ज़ किया है:-




कैसे एतबार करूँ कैसे तुझ संग मैं प्यार करूँ.!
जाने कब देगा दे जायेगी क्यूँकर इंतज़ार करूँ.!!
हो सकता कोई मजबूरी हो या समझौता कोई.!
बेवफा भी न कहूं क्यों दिल पर अत्याचार करूँ.!!
जब चाहा सवाल किया जब चाहा जवाब दिया.!
तेरे मन-मुताबिक़ ही क्यों मैं हर व्यवहार करूँ.!!
बात किसी संग इश्क़ किसी से ब्याह किसी से.!
सज कहती तेरे लिए ही तो सोलहां-शृंगार करूँ.!!
तेरी कुछ होंगी माना पर मेरी भी मजबूरियां हैं.!
दिल एक बार लगता बार-बार कैसे प्यार करूँ.!!
वक़्त मिला तो मुडकर देखना दीवाने का हाल.!
तन्हा ज़िन्दगी कटती नहीं कैसे सफर यार करूँ.!!


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Source:: Mehfil101


      



Her Problem His Tension…

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