Friday, February 03, 2017

दुनियाँ पहले कभी किसी के लिए रुकी है??


आप कहाँ है और किस हाल में हैं
यहाँ किसी को नहीं फिक्कर!
दुनियाँ ना पहले कभी किसी के लिए
रुकी-थमी है ना अब रुकेगी?
वैसे भी आम इंसान की फिक्कर ही
किसे है?
अर्ज़ किया है:-



छुप गया हूँ किधर,
कहाँ और क्यूँ – कैसे,
इक बार आकर तो पूछते.!



ज़िंदगी इतनी सस्ती नहीं,
कि अपने भुलाए जायें,
साथी यूँ ऐसे नहीं रूठते.!!


Chup Gaya Hun Kidhar,


Kahan Aur Kyun-Kaise,


Ik Baar Aa Kar To Poochate.!


Zindagi Itni Sasti Nahin,


Ki Apne Bhulaye Jayein,


Sathi Yun Aise Nahin Ruthate.!!


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Source:: Mehfil101


      



दुनियाँ पहले कभी किसी के लिए रुकी है??

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