Saturday, December 24, 2016

Your Goodness …

कभी-कभी दिल इतना उदास होता है कि दिल और ज़ुबान
शायराना हो जाती है,लफ्ज़ खुद-बखुद ज़ज़्बाती हो जाते
और ख़याल रूमानी!
शायद इसी का नाम मुहब्बत हो तडप हो??
जो भी हैं बहुत खूबसूरत एहसास है?
सौ जन्मों तक इस में जीने का मन करता!!
ना यक़ीन हो तो जनाब दिल लगा कर देख लीजिएगा…
इसी एहसास को दिल में लिए एक ग़ज़ल लफ्ज़ बन
काग़ज़ पर बिखर गयी!
अर्ज़ है:-


तेरे शहर की हर गली में तुझे ढूँढा मगर ना मिली,
कोई स्कूल-कालेज-चौराहा ना छोड़ा वहाँ मिल जाए.!



ये भी अपने-अपने मुक़द्दर की बात होती है’सागर‘,
किसी को बिन माँगे तो कहीं माँगे ना मिल पाए.!!



मुश्किल से परवर-दिगार देता किसी को चाहने वाला,
और बात ‘सागर‘ हर कोई तमन्ना पालता उलफत की.!



वफ़ा – मुहब्बत जिसे मिले मानों मिल गये दोनो जहाँ,
कोई ऐसा भी होता खुदा का नज़राना समझ ना पाए.!!



मुम्मकिन है मेरी ज़िंदगी में कभी लौट कर ना आए,
फ़िरोज़बाद में ही तुझे कोई तेरा मनचाहा मिल जाए.!



मगर ए जान-ए-बहार दुआ यही’सागर‘की खुदा से,
तेरी ज़िंदगी जो भी आए वो कभी लौट कर ना जाए.!!



Tere Shahar Ki Har Gali Mein Tujhe Dhunda Magar Na Mili,


Koyi School-College-Chauraha Na Choda Wahan Mil Jaaye.!


Ye Bhi Apne-Apne Muqaddar Ki Baat Hoti Hai ‘Sagar‘,


Kisi Ko Bin Maange To Kahin Naa Maange Mil Jaaye.!!



Mushqil Se Parwar – Digaar Deta Kisi Ko Chahne Waala,


Aur Baat ‘Sagar‘ Har Koyi Tamanna Paalta Ulfat Ki.!


Wafa-Muhabbat Jise Mile Maanon Mil Gaye Dono Jahan,


Koyi Aisa Bhi Hota Khuda Ka Nazarana Samajh Naa Paae.!!



Mummkin Hai Meri Zindagi Mein Kabhi Laut Kar Naa Aaye,


Firozabad Mein Hi Tujhe Koyi Manchaaha Mil Jaaye.!


Magar Ey Jaan-e-Bahaar Dua Yahi ‘Sagar‘Ki Khuda Se,


Teri Zindagi Mein Jo Bhi Aaye Kabhi Laukar Naa Jaaye.!!



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Source:: Mehfil101


      



Your Goodness …

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