ज़िंदगी पल-पल हर मुकाम पर आपको कुछ ना कुछ सिखाती है!
जो अच्छा गुज़रे उसे याद रखिए जो तीन ना लगे उसे भूलना ही
बेहतर!उससे शिक्षा लीजये दोबारा ऐसा कुछ ना करें जिससे वो बात
जीवन में फिर से घटे!
इक मुहब्बत सहारे नहीं कटती ज़िंदगी’सागर‘,
वो नहीं तो क्या ये वक़्त कभी रुकता नहीं.!
जो पास उसी पर खुश होले रज़ा इसमें भी,
अपने बन्दे से प्यार करता रब्ब बोलता नहीं.!!
Filed under:
Source:: Mehfil101
Life…
No comments :
Post a Comment