Thursday, October 06, 2016

हसीनों की अदा.!!

वादा कर मुक्कर जाना हसीनों की पुरानी अदा है.!
इश्क़ तरसता रहे पर इनके सितम भी वफ़ा हैं.!!



उन को ना आना था और न ही वो आये अब तक.!
‘सागर‘करना इंतज़ार प्यार करने की यही सजा है.!!



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Source:: Mehfil101


      



हसीनों की अदा.!!

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