वादा कर मुक्कर जाना हसीनों की पुरानी अदा है.!
इश्क़ तरसता रहे पर इनके सितम भी वफ़ा हैं.!!
उन को ना आना था और न ही वो आये अब तक.!
‘सागर‘करना इंतज़ार प्यार करने की यही सजा है.!!
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Source:: Mehfil101
हसीनों की अदा.!!
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